समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छायाप्रति के साथ ए-4 साईज पेपर में आवेदन जमा कर सकते हैं।
अतिथि व्यख्याता की भर्ती निम्न शर्तों के अधीन होगी-
1. अतिथि व्यख्याता का चयन छ.ग. शासन उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा निधारित मापदण्डों के अनुरूप प्रावीण्यता (वरीयता के आधार पर किया जायेगा। संबंधित विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि में 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य है। अजा एवं अ.ज.जा. के आवेदकों के अंको का न्यूनतम प्रतिशत 50 होगा।
2. नेट / स्लेट / पी. एच डी. / एम.फिल योग्यताधारी आवेदकों को नियमानुसार वरीयता दी जायेगी।
3. शास. महाविद्यालय में अतिथि व्यख्याता के रूप में अध्यापन अनुभव के लिये छ.ग. शासन उच्च शिक्षा द्वारा निर्धारित मेरिट अंक देय होगा।
4. अध्यापन कार्य हेतु मानदेय राशि प्रति पीरियड 300/- प्रतिदिन अधिकतम 1200/- एवं प्रतिमाह अधिकतम 31200/- के सिलिंग के अधीन देय होगा।
5. शासन द्वारा महाविद्यालय में संबंधित विषय में नियमित नियुक्ति / स्थानांतरण द्वारा प्राध्यापक / सहा.प्राध्यापक प्रदान किये जाने पर नियुक्ति (अतिथि व्याख्याताओं की व्यवस्था) तत्काल प्रभाव से निरस्त मानी जायेगी। 6. यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थाई है। अतिथि व्याख्याता की सेवा केवल अध्यापन कार्य (सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक) के [संपादन] तक होगी। प्रायोगिक विषयों में व्याख्याता प्रायोगिक परीक्षा संपन्न कराने का भी दायित्व निभायेगा।
7. चयनित अतिथि व्यख्याता को इस आशय का शपथ पत्र कि उसके विरुद्ध पुलिस या न्यायालय में कोई आपराधिक प्रकरण विमारपीन नहीं है. साथ ही वह किसी अन्य शासकीय / अर्द्धशासकीय / अशासकीय सेवा में नहीं है, प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
8. अतिथि व्याख्याता को सत्र 2022-23 में केवल अध्यापन कार्य के संपादन हेतु प्राचार्य आवश्यकतानुसार रख सकेंगे।
9. किसी भी अतिथि व्याख्याता का अध्यापन कार्य एवं व्यवहार संतोषजनक नहीं रहा तो उसकी सेवायें समाप्त कर दी जायेगी और प्रावीण्य (वरीयता सूची के अगले क्रम के अभ्यर्थी को अध्यापन कार्य के लिए अवसर दिया जाएगा।
10. विभागाध्यक्ष / प्रभारी प्राध्यापक के निर्देशानुसार ऑफ-लाइन एवं ऑन-लाइन अध्यापन करना होगा।